Friday, 23 February 2018

Intezaar

1 नजरें उन्हें देखना चाहे तो आँखों का क्या कसूर,
हर पल याद उनकी आये तो साँसों का क्या कसूर,
वैसे तो सपने पूछकर नहीं आते,
पर सपने उनके ही आये तो हमारा क्या कसूर।

2 चला जा SMS गुलाब बन के,
होगी सच्ची दोस्ती तो आएगा जवाब,
अगर ना आये तो मत होना उदास,
बस समझ लेना की मेरे लिए वक़्त नहीं था उनके पास.

3 डरता हूँ कहने से मैं, कि मोहब्बत है तुमसे,
मेरी ज़िंदगी बदल देगा, तेरा इक़रार भी इंकार भी।

4 अपने खिलाफ बाते खामोशी से सुन लो,
यकीन मानो वक्त बेहतरीन जवाब देगा।

5 चलते-चलते मेरे कदम
हमेशा यही सोचते हैं,
कि किस ओर जाऊं तो तू मिल जाये।

6 तेरे इंतज़ार में कैसे कटता है वक़्त ना पूछ मुझसे,
तेरे बगैर तन्हा रहता हूँ कैसे ना पूछ मुझसे,
तू ही तू चाहिए दिल की गहराइयो में,
जीता हूँ तेरे बगैर कैसे ना पूछ मुझसे,
जो मिल जाएगी तू तो होगी कितनी ख़ुशी ना पूछ मुझसे।

7 याद आती है तो याद में खो लेते हैं,
आँसू आँखों में उतर आयें तो रो लेते हैं,
नींद तो नहीं आती आँखों में लेकिन,
आप सपनों में आयेंगे इस लिए सो लेते हैं।

8  हक़िक़त मे जिना जब आदत  बन जाती है,
 ख्वबोन की दुनिया बेरंग नजर  आती है .
 कोई इंतेजार करता है जिंदगी के लिए
 किसी की जिंदगी इंतेजार  मे ही गुझर जाती है  !!!

9 कभी ख़ुशी से ख़ुशी की तरफ़ नहीं देखा
तुम्हारे बाद किसी की तरफ़ नहीं देखा
ये सोच कर कि तेरा इंतज़ार लाजिम है
तमाम उम्र घड़ी की तरफ़ नहीं देखा

10 हक़ीक़त मे जीना जब आदत बन जाती है,
ख्वाबों की दुनिया बेरंग नज़र आती है ... 
कोई इंतेज़ार करता है ज़िंदगी के लिए..
किसी की ज़िंदगी इंतेज़ार मे ही गुज़र जाती है .......!!!

11 तुम क्या जानो क्या है तन्हाई,
टूटे हर पत्ते से पूछो क्या है जुदाई,
यूँ बेवफ़ाई का इल्ज़ाम ना दे ए-ज़ालिम,
इस वक़्त से पूछ किस वक़्त तेरी याद ना आई..!!!

12 ना जाने क्यों ए जिंदगी मुझे तेरी तलाश है.......
माना करोड़ पल है इस जिंदगी मैं,
पर तेरे साथ बीताया एक पल उन करोड़ों से खास है .........
इस लिए ए जिंदगी मुझे तेरी तलाश है........!!!

13 फ़ासले मिटा कर आपस मे प्यार रखना,
दोस्ती का ये रिश्ता हमेशा यूँही बरकरार रखना,
बिछड़ जाए कभी आप से हम,
आँखों मे हमेशा हमारा इंतजार रखना  !!!

14 उदास रहता है मोहल्ले मै बारिश का पानी आजकल,
सुना है कागज़ की नाव बनानेवाले बड़े हो गए है

15 ज़िंदगी हसीन है इससे प्यार करो हर रात की नई सुबा का इंतजार करो वो पल भी आएगा, जिसका आपको इंतजार है बस अपने रब पर भरोसा और वक़्त पर ऐतबार करना

16 तन्हैइिओं मे उनको ही याद करते हैं वो सलामत रहे यही फरियाद करते है, हम उनके ही मोहब्बत का इंतेज़ार करते है उनको क्या पता हम उनसे कितना प्यार करते है .

17 साँसों मे मेरे कुछ अजीब सी कशिश है आज जाना, शायद ये तुम्हारे साँसों को महसूस कर रहा है, आँखें मेरी तुम्हारी राहों पे आके थम गयी हैं, और ये दिल, तुम्हारे आने का इंतेज़ार कर रहा है.

18 बहुत हो चुका इंतेज़ार उनका, अब और ज़ख़्म सहे जाते नही, क्या बयान करें उनके सितम को, दर्द उनके कहे जाते नही

19 इंतज़ार है हमे आपके आने का, वो नज़रे मिला के नज़रे चुराने का, मत पूछ ए-सनम दिल का आलम क्या है, इंतज़ारा है बस तुझमे सिमट जाने का.

20 कब उनकी पलकों से इज़हार होगा; दिल के किसी कोने में हमारे लिए प्यार होगा; गुज़र रही है रात उनकी याद में; कभी तो उनको भी हमारा इंतज़ार होगा!

21 ज़माने भर से हो रंजिश, घटा कैसी ही छाई हो, मजा तो तब है तेरी जब, तुझी से ही लड़ाई हो/ सितारे गर्दिशो में हो, मुकद्दर हाशिये पर हो , रहे इम़ा तेरा सच्चा, की जब जब सर उठाई हो / हो जब ये हौसला तेरा, मुसलसल कारवां तेरा, हो शोले आंख में तेरे, मशालें जब जलाई हो / क़यामत से तू ले लोहा, खुदा भी देखता होगा, अजानो में मगर तेरे उसी की ही खुदाई हो/ नहीं मुमकिन तेरा दिलवर हमेशा साथ हो तेरे , असल जज्बा मुहब्बत का मुहब्बत में जुदाई हो/ ज़माने भर से हो रंजिश, घटा कैसी ही छाई हो, मजा तो तब है तेरी जब, तुझी से ही लड़ाई हो .

22 तेरे इंतजार मे कब से उदास बैठे है तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे है तू एक नज़र हम को देख ले इस आस मे कब से बेकरार बैठे है .

23 मोहब्बत का नतीजा, दुनिया में हमने बुरा देखा, जिन्हे दावा था वफ़ा का, उन्हें भी हमने बेवफा देखा.

24 जिंदगी हे सफर का सील सिला, कोइ मिल गया कोइ बिछड़ गया, जिन्हे माँगा था दिन रत दुआ ओमे, वो बिना मांगे किसी और को मिल गया.

25 याद तेरी आती है क्यो.यू तड़पाती है क्यो? दूर हे जब जाना था.. फिर रूलाती है क्यो? दर्द हुआ है ऐसे, जले पे नमक जैसे. खुद को भी जानता नही, तुझे भूलाऊ कैसे?

26 निकलते है तेरे आशिया के आगे से,सोचते है की तेरा दीदार हो जायेगा, खिड़की से तेरी सूरत न सही तेरा साया तो नजर आएगा

27 तेरे इंतजार में यह नज़रें झुकी है, तेरा दीदार करने की चाह जागी है, ना जानू तेरा नाम, ना तेरा पता ना जाने क्यूँ इश्स पागल दिल में एक अंजानी सी बेचैनी जागी है !

28 किसी को मेरी याद आए एक अरसा हुआ, कोई है हैरान तो कोई तरसा हुआ. इस तरह खामोश हैं ये दिल ये आँखे मेरी, जैसे खामोश हो कोई बदल बरसा हुआ.

29 इंतज़ार तो हम भी काइया करते हैं आपसे मिलने की आस काइया करते हैं मेरी याद हिचक़ियो की मोहताज़ नही हम तो आपको सांसो से याद करते हैं

30 फूलो से सजे गुलशन की ख्वाइश थी हमें, मगर जीवनरूपी बाग़ में खिल गए कांटे. अपना कहने को कोई नहीं है यहाँ, दिल के दर्द को हम किसके साथ बांटे

31 इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा यादें काटती हैं ले-ले के नाम तेरा मुद्दत से बैठे हैं तेरे इंतज़ार में कि आज आयेगा कोई पैगाम तेरा!

32 भले ही राह चलते का दामन थाम ले, मगर मेरे प्यार को भी तू पहचान ले, कितना इंतेज़ार किया है तेरे इश्क़ में, ज़रा यह दिल की बेताबी तू जान ले..

33 कौन कहता है इश्क़ मे बस इकरार होता है कौन कहता है इश्क़ मे बस इनकार होता है, तन्हाई को तुम बेबसी का नाम ना दो, क्यूंकी इश्क़ का दूसरा नाम ही इंतेज़ार होता है

34 इस नज़र को तेरा इंतेज़ार रहता है दिल तुमसे मिलने को बेक़रार होता है तुम हमसे मिलो ना मिलो फिर भी इस दिल मैं तेरी दोस्ती का प्यार रहता है

35 बदलना आता नही हमको मौसमो की तरह, हर एक रूप में तेरा इंतजार करते है, ना तुम समेत सकोगी जिसे क़यामत, कसम तुम्हारी तुम्हे इतना प्यार करते है.

36 आप का एतिबार कौन करे रोज़ का इंतिज़ार कौन करे...

37 मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ मगर सफ़र सफ़र है मेरा इंतिज़ार मत करना...

38 मे इंतेज़ार मे हूँ की कब टूटेगी तेरी खामोशी तुम इंतेज़ार मे हो की नही देख मेरी खामोशी दर्द उठता है दिल मे सुरलहर की तरह मे किस तरह बयान करूँ रोटी हुई खामोशी

39 कत्मे अदम से उनका हमें इन्तिज़ार है ! लगता है हर दियार, उन्ही का दियार है !! हारे हैं बार-बार बुला कर तुम्हें, सनम ! अब आ भी जाइये, कि, जिगर बेक़रार है !!

40 कौन है यहाँ जो अब मुझपे एतबार करता है मेरा अक्स मुझे पहचानने से इनकार करता है खंजर लिए हाथों में खड़ा है दर्द मेरा वो मेरे क़त्ल के लिए मेरा इंतेज़ार करता है

41 एक शाम आती है तुम्हारी याद लेकर, एक शाम जाती है तुम्हारी याद देकर, पर मुझे तो उस शाम का इंतेज़ार है, जो आए तुम्हे साथ लेकर..!!

42 इश्क़ किया तुझसे, मेरे ऐतबार की हद थी, इश्क़ में दे दी जान, मेरे प्यार की हद थी, मरने के बाद भी खुली थी आँखें, यह मेरे इंतेज़ार की हद थी

43 किसी के दीदार को तरसता है किसी के इंतेज़ार मे तडपता है ये दिल भी अजीब चीज़ है जो होता है खुद का मगर किसी और के लिए धड़कता है .

44 अब हमसे इंतेज़ार नही होता इतना महेंगा तो किसी का प्यार नही होता हम जिसके लिए हुए रुसवा ज़माने मे वो अब बात करने को भी तैयार नही होता

45 कोई वादा नही फिर भी तेरा इंतेज़ार है जुदाई के बाद भी तुझसे प्यार है तेरे चेहरे की उदासी दे रही है गवाही मुझसे मिलने के लिए तू भी बेकरार है

46 इंतजार उसका जिसके आने की कोई आस हो, खुश्बू भी उस फूल की जो मेरे पास हो, मंज़िल ना मिल सकी हमे तो कोई बात नही, गम भी उसी शख्स का होता है जिसे प्यार का एहसास हो.

47 तुम आये तो लगा हर खुशी आ गई यू लगा जैसे ज़िन्दगी आ गई था जिस घड़ी का मुझे कब से इंतज़ार अचानक वो मेरे करीब आ गई

48 वो मायूसी के लम्हों में ज़रा भी हौसला देता,
तो हम कागज़ की कश्ती पे समंदर में उतर जाते।

49 खेल जिंदगी का एकतरफ़ा सा लगता था ,
तुम आए तो खेल, अब अच्छा सा लगता है ,
खेलना दिल से हुनर से मत खेलना ,
दाँव पर जिंदगी होती है, जब कोई अपना सा लगता है ||

50 रब उसे ऐसी तन्हाई न दे,
हम जी लेंगे तन्हा पर उसे तन्हाई न दे,
इन निगाहों में बसी रहे उसकी सूरत,
भले मेरी सूरत उसे दिखाई न दे.

51 नजर से क्यूँ जलाते हो आग चाहत की,
जलाकर क्यूँ बुझाते हो आग चाहत की,
सर्द रातों में भी तपन का एहसास रहे,
हवा देकर बढ़ाते हो आग चाहत की।


52 भंवर से निकलकर किनारा मिला है,
जीने को फिर से एक सहारा मिला है,
बहुत कशमकश में थी ये ज़िंदगी मेरी,
उस ज़िंदगी में अब साथ तुम्हारा मिला है।

53 जो तू साथ न छोड़े तो -उम्र मेरा ए मेहबूब
मौत के फ़रिश्ते को भी इनकार न कर दूं तो कहना
इतनी कशिश है मेरी मुहब्बत की तासीर में
दूर हो के भी तुझ पे असर न कर दूं तो कहना !

54 खुदा करे जिदगी मे हो मकाम आये,
तुझे भूलने कि दुआ करु पर...
दुआ मे तेरा नाम आये।

55 आपको जाते हुए देख के न संभलेगा दिल,
उसको बातों में लगा लूँ तो चले जाईयेगा।

56 हुए जिसपे मेहरबां तुम कोई खुशनसीब होगा,
मेरी हसरतें तो निकलीं मेरे आंसुओं में ढलकर।

57 तेरी दुआ से कज़ा तो बदल नहीं सकती,
मगर है इस से यह मुमकिन कि तू बदल जाये,
तेरी दुआ है कि हो तेरी आरज़ू पूरी,
मेरी दुआ है तेरी आरज़ू बदल जाये।

58 तुम्हारे प्यार की दास्तां हमने अपने दिल में लिखी है,
न थोड़ी न बहुत बे-हिसाब लिखी है,
किया करो कभी हमे भी अपनी दुआओं में शामिल,
हमने अपनी हर एक सांस तुम्हारे नाम लिखी है।

59 भूल न जाऊं माँगना उसे हर नमाज़ के बाद,
यही सोच कर हमने नाम उसका दुआ रक्खा है।

60 पलभर की भी तन्हाई तुम्हें नसीब ना हो,
कोई भी गम तुम्हारे करीब ना हो,
रब तुम्हारी ज़िन्दगी में इतनी खुशियाँ दे,
कि तुमसे बढ़कर कोई खुशनसीब ना हो..

61 लौट आती है हर बार मेरी दुआ खाली,
जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है।

62 तेरे ख्याल में जब बे-ख्याल होता हूँ,
ज़रा सी देर को सही बे-मिसाल होता हूँ।

63 सब कुछ मिला सुकून की दौलत नहीं मिली,
एक तुझको भूल जाने की मौहलत नहीं मिली,
करने को बहुत काम थे अपने लिए मगर,
हमको तेरे ख्याल से कभी फुर्सत नहीं मिली।

64 आज भी प्यार करता हूँ तुझसे,
ये नहीं कि कोई मिली ही नहीं,
मिलीं तो बहुत तेरे बाद पर,
तू किसी चेहरे में दिखीं ही नहीं।

65 बख्शे हम भी न गए बख्शे तुम भी न जाओगे,
वक्त जानता है हर चेहरे को बेनकाब करना।

66 दिमाग पर जोर डालकर गिनते हो
गलतियाँ मेरी,
कभी दिल पर हाथ रख कर पूछना
कि कसूर किसका था।

67 काश... एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,
वो आकर गले लगा ले, मेरी इजाजत के बगैर।

68 काश फिर मिलने की वजह मिल जाए,
साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए,
चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें,
क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए।




Thursday, 22 February 2018

Sad Status

1 नमक की तरह हो गयी है जिंदगी, लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं !!!

2 सुकून ऐ दिल के लिए कभी हाल तो पूँछ ही लिया करो, मालूम तो हमें भी है कि हम आपके कुछ नहीं लगते...!

3 ये तो शौक है मेरा ददॅ लफ्जो मे बयां करने का, नादान लोग हमे युं ही शायर समझ लेते है.

4 है कोई वकील इस जहान में, जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको.

5 बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को क्यूकि इश्क़ हार नही मानता और दिल बात नही मानता..!!

6 देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना,..... नफरत बता रही है तूने मोहब्बत गज़ब की थी.

7 बहुत आसान है पहचान इसकी . . . अगर दुखता नहीं तो दिल नहीं है!!

8 इतने बुरे ना थे जो ठुकरा दिया तुमने हमेँ. तेरे अपने फैसले पर एक दिन तुझे भी अफसोस होगा!!!

9 तुम रख न सकोगे मेरा तोहफा संभालकर, वरना मैं अभी दे दूँ, जिस्म से रूह निकालकर...!!

10 ऐ खुदा मुसीबत मैं डाल दे मुझे.... किसी ने बुरे वक़्त मैं आने का वादा किया है.

11 इश्क वो खेल नहीं जो छोटे दिल वाले खेलें, रूह तक काँप जाती है, सदमे सहते-सहते.

12 क्या लिखूँ दिल की हकीकत आरज़ू बेहोश है,ख़त पर हैं आँसू गिरे और कलम खामोश है!

13 जिंदगी के रूप में दो घूंट मिले,इक तेरे इश्क का पी चुके हैं..दुसरा तेरी जुदाई का पी रहे हैं !!!! :|

14 किसी ने कहा था महोब्बत फूल जैसी है!!कदम रुक गये आज जब फूलों को बाजार में बिकते देखा!

15 बना दो वज़ीर मुझे भी इश्क़ की दुनिया का दोसतों, वादा है मेरा हर बेवफा को सजा ऐ मौत दूंगा...!!!

16 इरादा कत्ल का था तो ~मेरा सर कलम कर देते क्यू इश्क मे डाल कर तुने ~हर साँस पर मौत लिख दी..!!

17 हमारी कद्र उनको होगी तन्हाईयो में एक दिन, अभी तो बहुत लोग हैं उनके पास दिल्लगी करने को....!!

18 जिन्दगी भर कोई साथ नहीं देता यह जान लिया हमने, लोग तो तब याद करते हैं जुब वह खुद अकेले हों!!!

19 जिस जिस ने मुहब्बत में, अपने महबूब को खुदा कर दिया, खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए, उनको जुदा कर दिया.

20 मेरे दिल से खेल तो रहे हो तुम पर...... जरा सम्भल के...... ये थोडा टूटा हुआ है कहीं तुम्हे ही लग ना जाए.......!!

21 हुस्न वाले जब तोड़ते हैं दिल किसी का, बड़ी सादगी से कहते है मजबूर थे हम..!

22 तेरी यादें अक्सर छेड़ जाया करती हैं कभी अा़ँखों का पानी बनकर कभी हवा का झोंका बनकर.!!!

23 टूटता हुआ तारा सबकी दुआ पूरी करता है..क्यों के उसे टूटने का दर्द मालूम होता है!!!

24 इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया ए-ज़िन्दगी, चलने का न सही सम्भलने का हुनर तो आ गया ।

25 कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने, मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये...!!!

26  जब भी चाहा सिर्फ तुम्हे चाहा.. पर कभी तुम से कुछ नही चाहा..!!

27 उम्र कैद की तरह होते हे कुछ रिश्ते ,, जहा जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नही!!!

28 आपको ज़ीद हे अगर हमे भूलने की तो, हमे भी ज़ीद हे आपको अपनी याद दिलाने की !!!!

29 हर फैसले होते नहीं,सिक्के उछाल कर..यह दिल के मामले है....जरा संभल कर!!

30 मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना, कभी बात करने की हसरत कभी देखने की तमन्ना !!

31 यही सोचकर कोई सफाई नहीं दी हमने. कि इल्जाम झूठे भले हैं पर लगाये तो तुमने हैं !!

32  मेरे अल्फ़ाज़ तो चुरा लोगे.. वो दर्द.. कहाँ से लाओगे !!

33 चली जाने दो उसे किसी ओर कि बाहों मे ।। इतनी चाहत के बाद जो मेरी ना हुई, वो किसी ओर कि क्या होगी ।

34 इक बात कहूँ इश्क, बुरा तो नहीँ मानोगे.... बङी मौज के थे दिन, तेरी पहचान से पहले.

35 लिख देना ये अल्फाज मेरी कबर पे...!! मोत अछी है मगर दिल का लगाना अच्छा नहीं...!!

35 दोस्तो से अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले,, कमबख्त हर बात पर कहते हैं कि तुझे छोडेंगे नहीं.

36 दोस्तो होली आई अौर चली भी गई थोड़ी देर बाद ‪#‎रंग‬ भी उतर गया, ये ‪#‎होली‬ बिल्कुल उसकी तरह निकली..!!

37 सुना है आज उस की आँखों मे आसु आ गये...... वो बच्चो को सिखा रही थी की मोहब्बत ऐसे लिखते है !!

38 शक ना कर मेरी मुहब्बत परपगली....... अगर मै सबूत देने पर आया तो ... तु बदनाम हो जायेगी..!!!

39 आदत बना ली मैंने खुद को तकलीफ देने की , ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो ज्यादा तकलीफ ना हो

40 बिछड़ने वाले तेरे लिए, एक  मशवरा है.. कभी हमारा  ख्याल आए, तो अपना 'ख्याल' रखना..।।

41 तुम बदले तो मज़बूरिया थी ,हम बदले तो बेवफा हो गए !!!

42 धोखा देने के लिए ‪#‎शुक्रिया‬ पगली कि ‪#‎तुम‬ ना मिलती तो ‪#‎दुनिया_समझ‬ में ‪#‎ना‬ आती !!

43 हो सके तो अब के कोई सौदा न करना; मैं पिछली मोहब्बत में सब हार आया हूँ..!

44 कहने को कुछ नहीं ...आह भी चुप सी घुट रही है सीने में !!

45 अज़ब माहौल है मेरे 'मुल्क' का, मज़हब थोपा जाता है, 'इश्क' रोका जाता है !!

46 वो मतलब से मिलते थे और हमे तो बस मिलने से मतलब था !!!

47 मंज़िलों से गुमराह भी ,कर देते हैं कुछ लोग ।। हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता !!

48 जिस रोज तेरे चाहने वालो को तू बेहद बुरी लगेगी, उस दिन भी तू हमे बेहद खूबसूरत लगेगी !

49 जिस्म उसका भी मिट्टी का है मेरी तरह....! ए खुदा फिर क्यू सिर्फ मेरा ही दिल तडफता है उस के लिये...!

50 शोहरत अच्छी होती है, गुरूर अच्छा नहीं होता.. अपनों से बेरुखी सेे पेश आना, हुज़ूर अच्छा नहीं होता !!

51 कईं रोज से कोई नया जखम न दिया पता करो सनम ठीक तो है न !!

52 आज भी उसी मोड़ पर इंतजार क्र रहा हु उनका जहाँ न लोट कर आने की वो कसम खाए बेठे है !!

53 वक़्त ने ज़रा सी करवट क्या ली गैरो की लाइन में सबसे आगे पाया अपनों को !!

54 ये नक़ाब तुम्हारे झुठ का उतरेगा जिस दिन खुद से नज़रें मिलाने को तरसोगे उस दिन !!

55 दिन भर भटकते रहते हैं अरमान तुझ से मिलने के न दिल ठहरता है न इंतज़ार रुकता है !!

57 दर्द सहने की कुछ यु आदत सी हो गई है.... की अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है !

58 उसने बड़ी बेरुखी से कहा  बस , अब जुदा होना है  और आज दिल- ए- बरबाद में सिर्फ शोला और चिन्गारी है.

59  बहुत भीड़ हो गयी है तेरे दिल में, अच्छा हुआ हम वक़्त पर निकल गए !!

60 एक आरज़ू थी तेरे साथ जिंदगी गुजारने की, पर तेरी तरह मेरी तो ख्वाहिशे भी बेवफा निकली।

61 जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!

62 शायरी लिखना बंद कर दूंगा अब मैं यारो.... मेरी शायरी की वजह से दोस्तों की आँखों में आंसू अब देखे नहीं जाते....!!

63 जलने वाले की दूआ से ही सारी बरकत है, वरना अपना कहने वाले तो याद भी नही करते....!!

64 जिस  चाँद  के हजारों हो चाहने वाले... *दोस्त*, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को....!!

65 कभी भी ख़ुशी मे शायरी नहीं लिखी जाती है ये वो धुन है जो दिल टूटने पर बनती है....!!

66 क्या लिखूँ , अपनी जिंदगी के बारे में. दोस्तों. वो लोग ही बिछड़ गए. 'जो जिंदगी हुआ करते थे !!

67 और भी बनती लकीरें दर्द की शुकर है खुदा तेरा जो हाथ छोटे दिए !!

68 चित्रकार तुझे उस्ताद मानूँगा, दर्द भी खींच मेरी तस्वीर के साथ

69 कौन खरीदेगा अब हीरो के दाम में तुम्हारे आँसु ;वो जो दर्द का सौदागर था, मोहब्बत छोड़ दी उसने ।

70 ख़ुशी कहा हम तो  गम  चाहते है, ख़ुशी उन्हे दे दो जिन्हें  हम चाहते हे.

71 सिमट गया मेरा प्यार भी चंद अल्फाजों में, जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नहीं.

72 सो जाओ दोस्तों यु रात भर जागने से मुहाबत लोट क्र नही आती !

73 हर किसी में तुझे पाने की कोशिश की बस एक तुझे न पा सकने के बाद |

74 लिख देना ये अल्फाज मेरी कबर पे...!! मोत अछी है मगर दिल का लगाना अच्छा नहीं...!!

75 तू मेरी चाहत का एक लफ्ज भी ना पढ़ सका, और मैं तेरे दिये हुए दर्द की किताब पढ़ते पढ़ते ही सोती हूँ।

76 मुस्कुराने से भी होता है ग़में-दिल बयां, मुझे रोने की आदत हो ये ज़रूरी तो नहीं !!!

77  इतना याद न आया करो, कि रात भर सो न सकें। सुबह को सुर्ख आँखों का सबब पूछते हैं लोग।

78 लोग कहते हैं दुःख बुरा होता है, जब भी आता है रुलाता है। मगर हम कहते हैं दुःख अच्छा होता है, जब भी आता है कुछ सिखाता है।

79 मैं क्या जानूँ दर्द की कीमत ? मेरे अपने मुझे मुफ्त में देते हैं !

80 वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों….?

81 दर्द कितना खुशनसीब है जिसे पा कर लोग अपनों को याद करते हैं, दौलत कितनी बदनसीब है जिसे पा कर लोग अक्सर अपनों को भूल जाते है !!

82 मैं आईना हूँ टूटना मेरी फितरत है, इसलिए पत्थरों से मुझे कोई गिला नहीं।

83 कितने सालों के इंतज़ार का सफर खाक हुआ । उसने जब पूछा “कहो कैसे आना हुआ”।

84 मेरी किस्मत में तो कुछ यूँ लिखा है, किसी ने वक्त गुज़ारने के लिए अपना बनाया, तो किसी ने अपना बनाकर वक्त गुजार लिया !!

85 लोग कहते हैं जब कोई अपना दूर चला जाता है तो बड़ी तकलीफ होती है, पर ज्यादा तकलीफ तो तब होती है जब कोई अपना पास होकर भी दूरियाँ बना ले !

87 रिश्तों की डोरी तब कमजोर होती है जब इंसान ग़लतफहमी में पैदा होने वाले सवालों का जवाब खुद ही बना लेता है !

88 जानते हैं दुनिया की सबसे कीमती चीज़ें क्या हैं ? सच्ची ख़ुशी के आंसू और सच्चे आंसुओं पर मुस्कान।

89 बड़े अजीब से इस दुनिया के मेले हैं, यूँ तो दिखती भीड़ है, पर फिर भी सब अकेले हैं…!

Attitude

1 मिल सके आसानी से , उसकी ख्वाहिश किसे है? ज़िद तो उसकी है ... जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं!!!!!





2 मेरा वजूद नहीं किसी तलवार और तख़्त ओ ताज का मोहताज, में अपने हुनर और होंठो की हंसी से लोगो के दिल पे राज करता हैं!!!!



3 बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती. !!!!



4 लोगो के # ब्लड गुप मे(+) ओर (-) आता हे, ओर # हमारे ब्लड गुप मे # Attitude आता है !!!!




5 हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना, पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हूँ……!!!!



6 इतना भी गुमान न कर आपनी जीत पर ऐ बेखबर, शहर में तेरे जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं..!!



7 मुकाम वो चाहिए की जिस दिन भी हारु , उस दिन जीतने वाले से ज्यादा मेंरे चर्चे हो!!!!



8 हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे , क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही ..।



9 तेवर तो हम वक्त आने पे दिखायेंगे ,, शहेर तुम खरीदलो उस पर हुकुमत हम चलायेंगे…!!!



10 आदते बुरी नहीं , शौक ऊँचे हैं ,, वर्ना किसी ख्वाब की इतनी औकात नही की , हम देखे और पुरा ना हो!!!!



11 हम घोडे के ‪#‎ट्रिगर‬ पे नहीँ, बल्की खुद के ‪#‎जीगर‬ पे जीते हे ।



12 अगर हम जैसे शरीफो ने दादागिरी शुरु करदी तो ,, इन हसिनाओ को कोन संभालेगा !!


13  दादागिरी तो हम मरने के बाद भी करेंगे , लोग पैदल चैलेगे और हम कंधो पर ..!!


14  रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,, ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी !!



15 “दम” कपड़ो में नहीं,जिगर में रखो….बात अगर कपड़ो में होती तो,सफ़ेद कफ़न में,लिपटा हुआ मुर्दा भी “सुल्तान मिर्ज़ा” होता.



16 चेहरे पर मेरे तुम दाग से लगते हो । आइना देखूं तो अफताब से लगते हो ।।



17 लाखो की हंसी तुम्हारे नाम कर देंगे ! हर खुशी तुम पे कुर्बान कर देंगे । आये अगर हमारे प्यार मे कोई कमी तो कह देना । इस जिन्दगी को आखरी सलाम कह देंगे ।



18 इश्क का धंधा ही बंघ कर दिया साहेब।.... मुनाफे में “जेब” जले.. और घाटे में “दिल”!!!!



19 बिकती है ना ख़ुशी कहीं, ना कहीं गम बिकता है. लोग गलतफहमी में हैं, कि शायद कहीं मरहम बिकता है..



20 मेरे मिज़ाज को समझने के लिए, बस इतना ही काफी है, मैं उसका हरगिज़ नहीं होता..... जो हर एक का हो जाये। 



21 वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है....!!



22 वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है....!!




23 नींद आए या ना आए, चिराग बुझा दिया करो, यूँ रात भर किसी का जलना, हमसे देखा नहीं जाता....!!!!




24 कोहराम मचा रखा है । जनवरी की सर्द हवावों ने और एक तेरे दिल का मौसम है । जो बदलने का नाम ही नही लेता!!!!



25 गुजर जाएगा ये दौर भी ज़रा इत्मीनान तो रख जब ख़ुशी ही ना ठहरी fe तो ग़म की क्या औकात है।



26 कर लेता हूँ बर्दाश्त हर दर्द इसी आस के साथ.. की खुदा नूर भी बरसाता है ... आज़माइशों के बाद.!!!



27 हथियार तो सिर्फ सोंख के लिए रखा करते हे , खौफ के लिए तो बस नाम ही काफी हे ।



28 शुबह हुई कि छेडने लगा है सूरज मुझको । कहता है बडा नाज़ था अपने चाँद पर अब बोलो ।।



29 दर्द ऐ महोबत तो हमने भी बहुत की, पर भुल गये थे की HEROIN कभी VILLAIN की नही होती...!!


30 ज़िन्दगी बदलने के लिए लड़ना पड़ता है और आसान करने के लिए समझना पड़ता है....!!



31  बात उन्हीं की होती है, जिनमें कोई  बात  होती है..!



31 वो भी आधी रात को निकलता है और मैं भी ...... फिर क्यों उसे चाँद और मुझे आवारा कहते हैं लोग .... ?



32 हुकुमत वो ही करता है जिसका दिलो पर राज हो...!! वरना यूँ तो गली के मुर्गो के सर पे भी ताज होता है...!!



33 कोई ना दे हमें खुश रहने की दुआ, तो भी कोई बात नहीं वैसे भी हम खुशियाँ रखते नहीं, बाँट दिया करते है...!!!



34 इश्क ओर दोस्ती मेरे दो जहान है,इश्क मेरी रुह, तो दोस्ती मेरा ईमान है,इश्क पर तो फिदा करदु अपनी पुरी जिंदगी,पर दोस्ती पर, मेरा इश्क भी कुर्बान है!!!!




35 जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले .!!




36 ना राईट . . ना फाईट . . अपना स्टेटस आया की वातावरन टाईट!!!




37 जो लडकिया मुझे bad boy केहेती है...शायद उन्हें ए नही पता की शेहेजादे कभी सुधरे हुए नही होते!!!




38  ‪#‎लडकी‬ तो कभी ‪#‎पटाई‬ नहीँ पर ‪#‎बदनाम‬ तो ऐसे हो रहे है , जैसे_100 रानी यों का ‪#‎अकेला‬ बादशाह हूँ.




39 गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही!!!




40 भरे बाजार में हर एक ‪#‎लड़की‬ ‪#‎JALENGI‬ जब, अपनी वाली अपने साथ ‪#‎CHALENGI‬.!!




41 रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती जिंदगी को बदलने के लिये एक स्टेटस काफी है.



42 हमारे जिँदगी की कहानी कूछ ऐसी है जिसमे Hero भी हम और Villain भी हम.!!



43 हाथ मे बस एक 'बासुँरी' कि कमी है....वरना, गोपिया हमने भी कई 'फसाई' है. 




44 तु अपने पापा की परी  है।तो क्या हुआ...हम भी अपने बाप के नवाब है।



45 रेस वो लोग लगाते है जिसे अपनी किस्मत आजमानी हो... हम तो वो खिलाडी है जो अपनी किस्मत के साथ खेलते है!!!



46 हम वो शेर हैं जीसकी गुफा में लोगों के पेर के आने के नीशान हैं पर...... जाने के नही ।



47 तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा , वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही ।



48 जब महसूस हो कि सारा शहर तुमसे जलने लगा है...समझ लेना तुम्हारा नाम चलने लगा है.!!!



49 हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है||



50 हम जिस शहर के राजा हे वहाँ की दीवार दीवार पर लिखा हे, कि # कानून का आना जाना मना है।





51 ईस ‪#‎शहर‬ की हवा तक हमारे ‪#‎खिलाफ‬ नहि चल सकती...! तो फिर ‪#‎दूश्मन‬ कि ‪#‎हैसीयत‬ ही क्या है...!!



52 बुलंदी तक पहुंचना चाहता हूँ मै भी. पर गलत राहो से होकर जाऊ.. इतनी जल्दी भी नही..!!




53 मैं ‪#‎famous‬ हूँ क्युकि में सच लिखता हूँ तभी आज ज़माने में सबसे मेंहंगा बिकता हूँ!!!



54 में जानता हु की बादशाह बनने जेसी मुजमे कोई बात नहीं,मगर ये बात भी सुन लो दोस्तों की मेरे जेसा बनने की बादशाह की भी औकात नहीं!!!



55 लड़की चाहिए तेरे जैसी नखरेवाली…. वरना बहुत मिलती हे सामने से लाइन मारने वाली!!!



56 अपनी औकात मे रहे ए वक्त……..याद रख-तेरे साथ साथ..”मै” भी बदलूंगा…



57 में बंदूक और गिटार दोनों चलाना जानता हूं । तय तुम्हे करना हे की आप कौन सी धुन पर नाचोगे..।।




58 रियासते तो आती जाती रहती हे, मगर बादशाही करना तो.. आज भी लोग हमसे सीखते हे ।




59 खेल ताश का हो या जिंदगी का , अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो ।





60 जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे , कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे !!



61 बादशाह नहीं बाजीगर से पहचानते है लोग ,, “……क्यूकी…….” हम रानियो के सामने झुका नहीं करते….!!




62 शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी ।




63 हथियार तो सिर्फ सोंख के लिए रखा करते हे , खौफ के लिए तो बस नाम ही काफी हे ।


64 अकल कितनी भी तेज ह़ो नसीब के बिना नही जित सकती , बिरबल काफी अकलमंद होने के बावजूद.. कभी बादशाह नही बन सका


65 पसंन्द आया तो दिल में , नही तो दिमाग में भी नही ।


66 जिंदगीमें बडी शिद्दत से निभाओ अपना किरदार, कि परदा गिरने के बाद भी तालीयाँ बजती रहे….।।


67 हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे , क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही ..।


68 मेरे लफ्जों से न कर मेरे किरदार का फेसला , तेरा वजूद मिट जाएगा मेरी हकिगत ढूंढते ढूंढते !


69 तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती ।


70 जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…

71 मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है….!!


72 मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी!!!


73 जब निकलते हम अपने तेवर मे लड़किया हमे देखते ही बोलने लगती है अपने फीवर मे!!!


74  न किसी से दुश्मनी है सबसे अपनी यारी तेरी शौतन तो पट गयी चल अब तेरी बरी।


75 औकात की बात मत कर ‪#‎ऐ_दोस्त‬ ... लोग तेरी ‪#‎बंदूक‬ से ज्यादा मेरी ‪#‎आंखो‬ से डरते है!!!